अररिया जिले में आगामी त्योहारों के मद्देनजर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में शांति समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और दोनों समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान शहर में आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करना था।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, पुलिस गश्ती और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष टीमों की तैनाती पर भी जोर दिया गया।
बैठक में दोनों समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों ने अपने सुझाव रखे और प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे हर हाल में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करेंगे। कई नागरिकों ने त्योहारों के दौरान निकलने वाले जुलूसों के मार्गों, समय-सारिणी और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी अपनी बात रखी। प्रशासन ने सभी पक्षों से अपील की कि वे परंपरा और भाईचारे का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाएं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि अररिया जिला सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाना जाता है और प्रशासन हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी धार्मिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति दूतों की भूमिका निभाएं और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें। पुलिस अधीक्षक ने भी त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में एक संयुक्त अपील जारी की गई, जिसमें सभी नागरिकों से त्योहारों को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की शांति भंग करने वाली गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शांति समिति की यह बैठक त्योहारों से पहले प्रशासन और आम नागरिकों के बीच विश्वास और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।