अररिया जिले में साइबर अपराध के शिकार लोगों के लिए राहत की खबर है। अररिया साइबर थाना पुलिस की तकनीकी सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डिजिटल फ्रॉड और वित्तीय ठगी के मामलों में फ्रिज किए गए बैंक खातों से पीड़ितों की गाढ़ी कमाई की राशि वापस कराने में सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ जिला पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन ठगी की कई शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिनमें पीड़ितों से फर्जी लिंक, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल और लॉटरी के नाम पर ठगी की गई थी। साइबर थाना पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तकनीकी सेल की मदद से संबंधित बैंक खातों को फ्रिज कराया और रिफंड प्रक्रिया शुरू की।
तकनीकी सेल के विशेषज्ञों ने बताया कि ठगी की राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया गया था, लेकिन सतर्कता से समय रहते खातों को फ्रिज कर दिया गया, जिससे राशि निकालने से पहले ही रोक दी गई। इसके बाद बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाया गया।
अररिया साइबर थाना के प्रभारी ने बताया कि अब तक कई पीड़ितों को उनकी राशि रिफंड की जा चुकी है और अन्य मामलों में प्रक्रिया जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर थाना या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
इस सफलता से जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से जागरूक रहने और साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।