SPECIAL REPORT Araria
प्रकाशित तिथि: 2026-10-30 14:15:41 Koshi Voice News Desk
अररिया में PM आवास योजना के लापरवाह लाभुकों पर सख्ती: निर्माण अधूरा छोड़ने पर सर्टिफिकेट केस दर्ज करने के निर्देश

अररिया जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवंटित आवासों का निर्माण अधूरा छोड़ने वाले लाभुकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ग्रामीण विकास विभाग ने ऐसे लापरवाह लाभुकों की पहचान कर उनके विरुद्ध सर्टिफिकेट केस दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं, जिन्होंने योजना की पहली और दूसरी किस्त प्राप्त करने के बावजूद निर्धारित समय सीमा内 घर का निर्माण पूरा नहीं किया। यह कदम योजना के तहत आवंटित धन के दुरुपयोग को रोकने और लक्षित लाभुकों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) के अनुसार, कई लाभुकों ने पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये और दूसरी किस्त के रूप में 45,000 रुपये प्राप्त किए, लेकिन निर्माण कार्य में कोई ठोस प्रगति नहीं दर्शाई। विभागीय समीक्षा में ऐसे मामलों की संख्या चिंताजनक पाई गई है, जिसके बाद सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे लाभुकों की सूची तैयार कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। सर्टिफिकेट केस दर्ज होने पर लाभुकों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और भविष्य में सरकारी योजनाओं से वंचित भी किया जा सकता है।

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन कुछ लाभुकों द्वारा धन का उपयोग अन्य कार्यों में करना या निर्माण में लापरवाही बरतना योजना की मंशा के विपरीत है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि जरूरतमंद परिवार आवास के लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसलिए विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए सभी संबंधित लाभुकों को नोटिस जारी करने और निर्धारित अवधि में निर्माण पूरा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई का स्वागत किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा योजना का लाभ लेकर भी घर न बनाना अन्य पात्र लोगों के साथ अन्याय है। प्रखंड स्तर पर हो रही निगरानी से योजना की पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा। विभाग ने सभी संबंधित पंचायतों को निर्देश दिया है कि वे लाभुकों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दें।

विशेषज्ञों के अनुसार, सर्टिफिकेट केस दर्ज करने की प्रक्रिया के तहत लाभुक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो मुकदमा दायर किया जा सकता है। इससे लाभुकों में जवाबदेही बढ़ेगी और योजना का क्रियान्वयन प्रभावी होगा। अररिया जिले में इस पहल से अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण पेश होगा कि कैसे सख्त निगरानी से सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लाभुकों ने वास्तविक कारणों से निर्माण पूरा नहीं किया है, उन्हें उचित अवसर दिया जाएगा, लेकिन जानबूझकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य होगी।

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